
बलरामपुर/सामरीपाठ। अपहरण के मामले में फरार आरोपी को सामरी पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा सलाखों के पीछे।
प्रार्थी ने थाना सामरीपाठ में रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 25.08.2025 के सुबह लगभग 7-8 बजे मेरी लड़की कम्प्यूटर सीखने कोचिंग सेन्टर सामरी जा रही हूँ कहकर घर से निकली थी जो घटना दिनांक 29/08/2025 तक घर वापस नहीं आयी है तब हमलोग आस-पास पडोस तथा अपने रिस्तेदारों में पता तालाश किये कोई पता नहीं चला। मेरी नाबालिक लड़की घर में रहकर रवि नाम का लड़का से फोन में बात करती थी जो ग्राम कापू झारखण्ड का निवासी है। मुझे शंका है कि मेरी नाबालिक लड़की को रवि झारखण्ड निवासी के द्वारा ही बहला फुसला कर कही भगा ले गया होगा।
प्रार्थी कि रिपोर्ट पर थाना सामरी में गुम इंसान कायम कर संहेदी आरोपी रवि लोहरा के विरूद्ध धारा 137 (2) भा.न्या.सं. पंजीबद्ध कर जांच पतासाजी विवेचना में लिया गया था। जांच पतासाजी विवेचना दौरान अपहृत बालिका को दिनांक 14.09.2025 को ग्राम कापू थाना नेत्ररहाट जिला लातेहार (झारखण्ड) संदेही/आरोपी के घर में पूछताछ करने पर पीड़िता बतायी कि एक माह पहले रवि लोहार राजमिस्त्री का काम करने मेरे गांव आया था उसी समय से मेरी पहचान हुई थी और मोबाईल से बातचीत करते थे। दिनांक 24.08.2025 को रवि फोन करके बोला कि तुमको पसंद करता हूँ मैं तेरे से शादी करना चाहता हूँ मैं तुमको लेने जाउंगा तब दिनांक 25.08.2025 के 09:00 बजे कम्प्यूटर क्लास जाने के लिए निकली और सामरी चौक में पहुंची थी कि रवि अपने दोस्त के साथ मोटर सायकल से आया और मुझे बोला तुमको बहुत ज्यादा पसंद करता हूँ शादी करके रखूंगा। तुम नहीं जाओगी तो तेरा नाम लिखकर मर जाउंगा तुम फँस जाओगी कहकर मुझे बहला फुसलाकर मोटर सायकल में बैठाकर महुआडाड़ ले गये। वहां से रवि मुझे बस में बैठाकर लोहरदगा नदी टोला ले जाकर किराये के रूम में अपने साथ रखकर दिनांक 25.08.2025 से दिनांक 12.09.2025 तक लगातार कई बार गलत काम (बलात्कार) किया है। पीड़िता के बयान पर आरोपी के विरूद्ध धारा 65 (1), 96, 54 भा.न्या.सं. एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 4,6 जोड़ी गई है। मामले के फरार आरोपी की गिरफ्तारी के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में प्रकरण के मुख्य आरोपी रवि लोहरा पिता कुंवर लोहरा उम्र 18 वर्ष 05 माह पहाड़कापू थाना नेतरहाट जिला लातेहार, झारखंड को दिनांक 13.10.2025 को हिरासत में लेकर घटना के संबंध में पूछताछ करने पर उसने घटना घटित करना स्वीकार करने पर गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
उक्त सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह, आर. आदित्य कुजुर, आर. अजय कुमार, आर. दीपक ओहदार, आर. नन्दकेश्वर पैकरा एवं महिला आर. रेशमा कुजुर का सराहनीय योगदान रहा।



