
राजपुर। जिले के राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक बार फिर दिखी अव्यवस्थाओं का अम्बार,मरिजों को ईलाज कराने के लिए घंटों लाईन में लग कर कटाना पड़ रहा है पर्चा,बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को लाईन में खड़े रहने से हो रही परेशानी।

बुधवार को राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मौसमी बीमारियों से ग्रसित आम लोगों के सहित कई ग्राम पंचायतों से आए गर्भवती महिलाएं जो अपनी मंथली चेकप कराने स्वस्थ्य केन्द्र पहुंची हुई थी। उन्हें ईलाज कराने के लिए पर्ची कटाने के लिए घंटों लम्बी लाईन में लगना पड़।इस समस्या से निपटने अस्पताल प्रबंधन के द्वारा कोई भी वैकल्पिक व्यवस्था नही किया गया है जिससे मरिजों मे खासा रोष देखने को मिला। मरिजों ने कहा कि आम लोगों की समस्याओं से किसी को कोई सरोकार नही है जो पहुंच वाले होते हैं उनका पर्ची बड़ी आसानी से बाहर ही बाहर दे दिया जाता है।आम लोग घंटों लाईन में लग कर अपना ईलाज करा रहे हैं।लोगों को घंटों लाईन में लगे रहने से कई मरीज अपना बिना ईलाज कराए अस्पताल से लौट जाते हैं। परिजनो ने सरकार से गुहार लगाते हुए राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक से अधिक पर्चा काउंटर खोलने की व्यवस्था करने का आग्रह किया है, जिससे लोगों को बेहतर सुविधाएं मुहैया हो सके।
गैर तलब है कि अस्पतालों की अव्यस्थाएं किसी छिपी हुई नही है यहां तक की स्वास्थ्य सुविधाओं की बात करें तो तत्काल राहत के लिए सरकार ने सभी जिलों में 108 और 102 वाहनों की व्यवस्था की है, लेकिन बलरामपुर जिले में आलम यह है कि लोग 108 और 102 को घंटों फोन लगाते रहते हैं पर उनका जवाब तक नही मिलता है। इन वाहनों की लचर व्यवस्था को देख आम लोग स्वयं निजी वाहनों की व्यवस्था कर मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों में लाया जाता है जो स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर कई सवाल खड़े करते हैं।

स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली पर युवा कांग्रेसी नेता ने कहा कि जिले में प्रशासनिक व्यवस्था पुरी तरह से बेलगाम हो चुकी है आलम यह है कि स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ बीएमओ और प्रशासनिक अधिकारी इन समस्याओं पर बिल्कुल उदासीन हैं। लोगों की इन समस्याओं से किसी को कोई लेनादेना नही है शिकायत के बाद भी समस्याओं का निराकरण नही होना बड़ी दूर्भाग्य की बात है। जिले में संचालित 108 और 102 वाहनों की स्थिति बेहद खराब है जिससे जिले भर के लोगों को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ डॉक्टर प्रशांत पंखा ने बताया कि मौसमी बिमारी होने कारण मरिजों की संख्या बढ़ी है,साथ आज एमसी डे होने के कारण गर्भवती महिलाओं की संख्या बहुत ज्यादा है जो कई अलग अलग ग्राम पंचायतों से आईं हैं जिससे आज मरिजों की संख्या बहुत ज्यादा है। पर्चा काउंटर एक ही होने के कारण समस्याएं आ रही है जिसके लिए हमने बीएमओ से बात की है, लेकिन बीएमओ नए होने के कारण व्यवस्थाएं नही सुधर पाई है इसके लिए हम पुनः बीएमओ और सीएमएचओ से बात कर व्यवस्थाओं को सुधरवाएंगे।



