
रायपुर। मुख्यमंत्री द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को लेकर निर्देश दिए हैं। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग महानदी भवन रायपुर से सभी समस्त संभागीय आयुक्त, छत्तीसगढ़, समस्त कलेक्टर, छ.ग., समस्त संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग, छत्तीसगढ़, एवं समस्त जिला शिक्षा अधिकारी, छ.ग. को आदेश जारी कर कड़ाई से पालन करने के निर्देश जारी किया गया है।

विभागों को जारी आदेश के तहत स्कूलों में मद्यपान करके आने वाले शिक्षकों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध छ.ग. सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 का उल्लंघन करने पर संबंधित के विरूद्ध छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 10 के अन्तर्गत कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करने, छात्राओं के साथ अश्लील हरकत / मैसेज करने वाले शासकीय सेवकों के विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करने, अनाधिकृत अनुपस्थिति या कर्तव्य विमुख शासकीय सेवकों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही के संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय के ज्ञाप क./स्था.3/ई संवर्ग/44/2024/113, दिनांक 23.08.2024 द्वारा समस्त संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग एवं समस्त जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया था कि अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित शासकीय सेवकों के विरूद्ध अनाधिकृत अनुपस्थिति के सम्बंध में समय-समय पर जारी निर्देश तथा छ.ग. सिविल सेवाएं अवकाश नियम 2010 के अन्तर्गत कार्यवाही करें।

आदेश के तहत विभिन्न समीक्षाओं के दौरान यह पाया गया है कि लम्बे समय से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित शासकीय सेवकों के विरूद्ध शासन द्वारा जारी परिपत्र अनुसार प्रभावी कार्यवाही नहीं की जा रहीं है। अतः अनाधिकृत अनुपस्थिति या कर्तव्य विमुख शासकीय सेवकों के विरूद्ध छ.ग.शासन, वित्त एवं योजना विभाग के ज्ञाप कमांक 320/एफ 2013-01-0009/वि/नि/चार, दिनांक 01.08.2013 (छ.ग. सिविल सेवाएं अवकाश नियम, 2010 में संशोधन), छ.ग. शासन, वित्त एवं योजना विभाग का ज्ञाप कमांक 144/एल 2018-04-00428/वि./नि/चार, दिनांक 22.03.2018 (छ. ग. सिविल सेवाएं अवकाश नियम 2010 एवं छ.ग. मूलभूत नियम में संशोधन) छ.ग. शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञाप क्रमांक एफ 3-1/2024/1-3, दिनांक 14.05.2024 एवं इस संबंध में समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुसार कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करें। जिन शासकीय सेवकों का कार्य संतोषप्रद नहीं है ऐसे शासकीय सेवकों के सेवाकाल का सम्पूर्ण अभिलेखों का समग्र मूल्यांकन / समीक्षा कर शासन के नियमानुसार अनिवार्य सेवानिवृत्ति की कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करेंगे।
इस संबंध में स्पष्ट किया जाता है कि 50 वर्ष की आयु अथवा 20 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले शासकीय सेवकों के सेवा अभिलेखों की नियमित समीक्षा करने के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र कमांक एफ 7-1/2017/1-3, दिनांक 25.04.2017 द्वारा जारी किए गए विस्तृत दिशा-निर्देशों एवं इसके पश्चात समय-समय पर जारी किए गए दिशा-निर्देशों / संशोधन का कड़ाई से पालन करना सुनिश्चित किया जाए एवं छानबीन की कार्यवाही में अक्षम, अयोग्य तथा भ्रष्ट पाए गए शासकीय सेवकों के विरूद्ध प्रभावकारी कार्यवाही करते हुए जनहित में उनकी अनिवार्य सेवानिवृत्ति की जाए।



