
राजपुर। बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत लाऊ में संचालित पहाड़ी कोरवा बालक आश्रम में आज एक बच्चे की मौत हो गई है। बच्चे का नाम अजीत कुमार था और वह कक्षा पहली का छात्र था। परिजनों ने हॉस्टल अधीक्षक एवं प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।घटना के बाद प्रशासनीक टीम मामले में जांच कर रही है।
राजपुर विकास खंड अंतर्गत ग्राम लाऊ में संचालित पहाड़ी कोरवा बालक आश्रम में पढ़ने वाले पहली कक्षा का छात्र सेवारी खटंग पारा निवासी अजित कुमार पिता नोहर साय का शनिवार को अचानक तबीयत खराब हुई थी ऐसे में हॉस्टल अधीक्षक ने उसे इलाज कराने की बजाय घर भेज दिया। मृतक की 15 साल की बहन उसे लेने के लिए हॉस्टल आई थी और उसने गोद में लेकर लगभग 5 किलोमीटर पैदल लेकर घर पहुंची। घर पहुँचने के बाद बच्चे की हालत और खराब हो गई। घर वाले बेहद गरीब है लेकिन उन्होंने किसी तरह पैसे की व्यवस्था की और गाड़ी किराए में लेकर बच्चे को राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे जहाँ उसकी गम्भीर हालत होने पर उसे अंबिकापुर लेकर जा रहे थे तभी रास्ते में बच्चे ने दम तोड़ दिया। गांव के सरपंच ने कहा कि इस पूरे मामले में हॉस्टल अधीक्षक एवं कर्मचारियों की गलती है क्योंकि अगर बच्चे को सही समय पर इलाज मिल जाती तो उसकी जान बच सकती थी।शासन प्रशासन एक तरफ पहाड़ी कोरवा जनजाति के लोगों को आगे लाने के लिए काफी प्रयास कर रही है परंतु धरातल पर केवल कागजों में ही दिखावा किया जा रहा है।वहीँ इस मामले में बलरामपुर जिला शिक्षा अधिकारी ने पहाड़ी कोरवा बालक आश्रम लाऊ के प्रभारी अधीक्षक बिरसाय राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

इस मामले में राजपुर एसडीएम राजीव जेम्स कुजूर ने कहा कि पहली की छात्र अजीत का मृत्यु होने की जानकारी प्राप्त हुआ है, सहायक आयुक्त, बीएमओ और पुलिस टीम मृतक के यहां गए थे शनिवार रात से स्वास्थ्य खराब था अधीक्षक के द्वारा उसे घर भेज दिया था। राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार पश्चात स्थिति खराब होने पर उसे अंबिकापुर के लिए रेफर किया गया था। इस मामले में अधीक्षक की लापरवाही देखी जा रही है अधीक्षक को तत्काल पास के डॉक्टर से इलाज करना था परंतु अधीक्षक के द्वारा नहीं कराया गया। मामले की जांच के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है



