पिता-पुत्री ने लिया मरणोपरांत नेत्रदान करने का संकल्प…

सरगुजा। निखिल द फर्स्ट लाइट स्कूल लटोरी के डायरेक्टर श्री कैलाश प्रसाद देवांगन और उनकी पुत्री प्रिंसिपल श्रीमती सविता देवांगन ने मरणोपरांत नेत्रदान करने का संकल्प किया है। संकल्प लेने के पश्चात पिता-पुत्री का कहना है कि जब हम नहीं रहेंगे तो हमारी आंखों से कोई दूसरा इस खूबसूरत दुनिया को देख सकेगा और लोगों से अपील की अंधविश्वास का त्याग करे नेत्रदान का प्रयास करें। संकल्प भारत सरकार की ऑनलाइन साइट नोटो पर संभव हुआ और दोनो ने नेत्रदान दान प्रमाण पत्र प्राप्त किया। संकल्प सरगुजा संभाग अंबिकापुर के रहने वाले युवा समाजसेवी आर्यन सिन्हा (आयुष) ने दोनों को प्रोत्साहित कर दोनो का नेत्रदान संकल्प पत्र भरा। इस मौके पर श्री सिन्हा ने कहा कि हमारे प्रयासों के माध्यम से यदि नैत्रदान के कार्य को गति मिलने के साथ यदि गाँव या शहर से किसी कॉर्निया के अंधता से पीड़ित व्यक्ति की आंखों में रौशनी आती है, तो इससे ज्यादा पुनीत कार्य अन्य कोई नहीं है। आपको बता दे श्री सिन्हा महज 21 वर्ष के हैं और उनके द्वारा छत्तीसगढ़ ऑर्गन डोनेशन एलिट (कोड) नामक संस्था बनाकर विगत 2.5 वर्षों से “रक्तदान महादान – अंगदान जीवनदान” नाम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस जागरूकता अभियान के तहत सरगुजा संभाग में लोगो को प्रोत्साहित कर आर्यन अभी तक 300 से अधिक नेत्रदान संकल्प पत्र भरवाएं , नेत्रदान करवाएं और 100 यूनिट से ज्यादा रक्त जरूरतमंद लोगों तक पहुंचा चुके हैं।



