तो क्या राजपुर की तरह कुसमी में भी गिरेगी नगर अध्यक्ष की कुर्सी,,,पार्षदों को आखिर क्यों करना पड़ा अविश्वास प्रस्ताव…

कुसमी। जिले के नगर पंचायत कुसमी में अध्यक्ष के खिलाफ पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है और आज अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लगाकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। पार्षदों का आरोप है कि अध्यक्ष के सही तरीके से काम नही करने से शहर का विकास कार्य रुका हुआ है और उन्होंने भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया है।
विगत 28 जून के परिषद की बैठक में ट्रैक्टर खरीदी को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षदों के द्वारा जोरदार हंगामा हुआ था।पार्षदों का आरोप था कि यह नगर पालिका अधिकारी(CMO)एवं नगर पंचायत अध्यक्ष गोवर्धन राम की मिलीभगत से ट्रैक्टर को अधिक दामों पर खरीदी कर जम कर भ्रस्टाचार किया गया है। इसके पूर्व भी CMO और नगर पंचायत अध्यक्ष के द्वारा मनमानी तरीके से नगर पंचायत में खरीदी को लेकर पार्षदों द्वारा कई बार हंगामा किया गया,लेकिन नगर पंचायत अध्यक्ष के अड़ियल रवैये को लेकर पक्ष विपक्ष के सभी पार्षद काफी नाराज चल रहे थे जिसको लेकर सभी पार्षदों ने संयुक्त रूप से कलेक्टर को जाकर अपना अविश्वास ज्ञापन सौंपा है।
नगर पंचायत कुसमी में कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष हैं और वह संसदीय सचिव चिंतामणि महाराज के काफी करीबी भी है।यहां कांग्रेस के ज्यादा पार्षद है लेकिन कांग्रेस के पार्षद भी अध्यक्ष के कार्यकाल से असंतुष्ट हैं और आज अविश्वास प्रस्ताव में कांग्रेसी पार्षदों ने भी दस्तखत किया है। पार्षदों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की है।वहीं उनका कहना है कि नगर पंचायत में लगातार अध्यक्ष की सहमति से भ्रष्टाचार हो रहे हैं और उन्होंने इसमें क्षेत्रीय विधायक पर भी आरोप लगाए हैं। पार्षदों का कहना है कि कई बार उन्होंने इस पूरे मामले में आवाज उठाई लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं हुई है और अब अंत मे उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव लगाया है।वहीँ इस मामले में बलरामपुर कलेक्टर ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी
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