July 24, 2026 |

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मुख्यमंत्री ने सही जानकारी नहीं होने पर PWD के अधिकारी को लगाई फटकार,,,कहा कि मीटिंग से बाहर जाओ और अपने सचिव से बात करके सही जानकारी बताओ…

सरकार का विकास सड़क से ही दिखता है, बारिश के पहले कोई भी रोड ऐसी न हो जिससे लोगों को दिक्कत हो: मुख्यमंत्री

      मुख्यमंत्री ने सही जानकारी नहीं होने पर PWD के अधिकारी को फटकार लगाई और कहा कि मीटिंग से निकलकर बाहर जाओ और अपने सचिव से बात करके सही जानकारी बताओ।

हम सभी को अपने अपने कार्यालयों को सेवा तीर्थ समझना है, ये सेवा करने के मंदिर हैं: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

अपने जिले में अपने अधीनस्थ अधिकारियों के काम का मूल्यांकन करें कलेक्टर, जरूरत पड़ने पर करें कठोर कार्रवाई,मुख्यमंत्री हेल्प जल्द होगी शुरू, टोल फ्री नंबर पे दर्ज होगी समस्या: मुख्यमंत्री

बलरामपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रविवार को बलरामपुर दौरे पर थे लेकिन यह कोई औपचारिक दौरा नहीं था। सुशासन तिहार के तहत आयोजित समीक्षा बैठक में जब PWD के एक अधिकारी सड़क मरम्मत की सही जानकारी नहीं दे पाए, तो मुख्यमंत्री ने सीधे कहा “मीटिंग से निकलो, बाहर जाओ, अपने सचिव से बात करो और सही जानकारी लेकर आओ।” कमरे में सन्नाटा छा गया। संदेश साफ था — अब बहानेबाजी नहीं चलेगी।

       हालांकि ये वही मुख्यमंत्री हैं जो कुछ देर बाद अधिकारियों से कह रहे थे कि “हम सब जनता के सेवक हैं। हम सभी को अपने कार्यालय को सेवा तीर्थ समझना है और आम जनता की  सेवा करने का मंदिर है। इन दोनों बातों से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एक कड़क प्रशासक और जनता के हमदर्द दोनों रूप में  एक साथ दिखे।

सड़क पर सख्त “बारिश से पहले एक भी रोड खराब न हो”

मुख्यमंत्री ने बैठक में साफ कहा कि सरकार का विकास सड़क से दिखता है। PWD की सड़क मरम्मत में देरी पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और निर्देश दिया कि मानसून आने से पहले सभी सड़कों की मरम्मत पूरी हो। उन्होंने कहा कि  आबादी क्षेत्रों की सड़कों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि “ध्यान दो, नहीं तो ठीक नहीं होगा।”

जनता को राहत राजस्व अभिलेख अब डिजिटल, घर बैठे मिलेगा खसरा-नक्शा

आम नागरिकों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे राज्य के राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जाएगा। सभी भूमि खंडों के खसरा-नक्शे डिजिटल प्रामाणिक हस्ताक्षर सहित सीधे लोगों को वितरित किए जाएंगे। साथ ही “मुख्यमंत्री हेल्प लाइन” सेवा जल्द शुरू होगी, जिसमें टोल फ्री नंबर पर समस्या दर्ज कराई जा सकेगी। उन्होंने कलेक्टर्स  को स्पष्ट निर्देश दिए  कि “राजस्व मामले समय-सीमा में निपटाएं, आम जनता को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।”

DMF की अधिकतम राशि अब गांव को मुख्यालय पर खर्च नहीं

मुख्यमंत्री ने DMF (जिला खनिज निधि) के दुरुपयोग पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि DMF की 70 फीसदी राशि खदान के पास के गांवों पर खर्च होनी चाहिए।  मुख्यालय के नाम पर इसे खर्च करना स्वीकार्य नहीं है।उन्होंने  बलरामपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग करने के निर्देश दिए

पानी, बीमारी और खाद हर मोर्चे पर तैयार रहो

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी नागरिक पेयजल के लिए न भटके। जहां साधन नहीं हैं वहां टैंकर से पानी पहुंचाया जाए। गर्मी और बारिश के बीच मौसमी बीमारियों से निपटने की अग्रिम तैयारी करने को कहा। साथ ही सुनिश्चित किया जाए कि धान, बीज और खाद की कमी को लेकर किसानों से कोई शिकायत न आए।

      उन्होंने कहा कि “हम सभी लोग जनता का सम्मान करें, उन्हें इज्जत दें, धैर्य से सुनें और उनका काम समय पर पूरा करें।” साथ ही कलेक्टरों को भी निर्देश दिए गए कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों के काम का नियमित मूल्यांकन करें और जरूरत पड़ने पर कठोर कार्रवाई से न हिचकें।

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