बिना शादी किये बेटी को रखने से नाराज पिता ने दामाद को उतारा मौत के घाट,,,शव को बोरे में भरकर कुएँ में फेंका…

कुसमी। आरोपी के बेटी से बिना शादी किए पत्नी के रूप में रखने से नाराज आरोपी पिता ने अपने ही दामाद को मौत के घाट उतार दिया।आरोपीयों ने लकड़ी के पीढ़ा व टाँगी से मृतक के सीने व चेहरे में वार कर मौत हो जाने के बाद शव को बोरे में भरकर पास के कुँए में पत्थर बांधकर फेक दिए।कुएँ में शव के ऊपर आने के बाद मामले का खुलासा हुआ।पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने बताया कि 28 जनवरी को काईम मिटिंग दौरान थाना प्रभारी कुसमी जितेन्द्र जायसवाल को मोबाईल सूचना मिली कि ग्राम हरी के कुंआ के पानी के उपर एक अज्ञात व्यक्ति का लाश दिख रहा है जिसका सिर बोरी से ढका हुआ है। सूचना पर थाना प्रभारी द्वारा तत्काल इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी को दिया दी।जिसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस की टीम ग्राम हरी पहुँची। जहां पाया की महेश के कुंआ में एक लाश तैर रहा है जिसे देखकर ग्रामवासी उसकी पहचान नही कर पाये,परंतु ग्राम हरी से लक्ष्मण केरकेट्टा काफी दिनों से दिखाई नही दे रहा था। ग्रामवासी लक्ष्मण केरकेट्टा का शव होने के शक जाहिर किये। प्रार्थी सनमान पिता स्व.बोलो राम जाति उरांव उम्र 65 वर्ष के रिपोर्ट पर पुलिस ने हत्या का आशंका होने पर अबिकापुर से एफएसएल टीम के वैज्ञानिक अधिकारी एस. के. सिंह के साथ मौके पर ग्राम हरी पहुंचकर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध धारा 302, 201 अपराध पंजीबद्ध किया गया।

विवेचना के दरम्यान पुलिस ने पाया कि फदू तिर्की जो हरी का ही है उसकी बेटी सुमित्रा को 12-13 वर्ष पूर्व मृतक दोनों आपस में प्रेम कर बिना विवाह किये पति पत्नि के रूप में रह रहे हैं और इस बात को इतना लम्बा अरसा बीत जाने के बाद भी फदू राम आज तक सामान्य नहीं हुआ था। मृतक लक्ष्मण अपनी पत्नि बच्चों को लेकर बचवार शंकरगढ़ में किराये से रहता है और दोनों का संबंध भी अच्छा था और जिस स्थिति में शव कुएं में पाया गया उससे स्पष्ट है कि आरोपी एक से अधिक है। मृतक की बहन अमृता के पास फदू का फोन कर पूछना कि लक्ष्मण को हरी से बचवार भेज दो। जो फडू कभी भी लक्ष्मण के घर वालों से कभी बात नहीं करता था, यहां भी उसका बात करना संदेह को जन्म दिया तथा पाया गया कि करीब 15 दिन पूर्व मृतक अपनी सास के हाथ में मार दिया था तब कदू द्वारा ग्राम कोटवार विजय एवं चंदर के पास लक्ष्मण को समझाने के लिए कहना एवं जब शाम को कुआं में मनरूप द्वारा शव को देखा और बगल में खड़े फदू को चचेरे भाई सुखना को देखने के लिए बुलाया तो वह बिना आये वहां से देखे बिना चला गया। इसी संदेह के आधार पर फदू राम एवं सुखना को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ करने पर हीलाहवाला करते हुए सख्ती से पूछने पर बताये कि फदू की बेटी को लक्ष्मण द्वारा पत्नि बनाकर रख लेने तथा आरोपी के पत्नि के साथ मारपीट करने की वजह से तथा सुखना द्वारा बताया कि इसके साथ हमेशा लक्ष्मण लड़ाई झगड़ा करता था। दिनांक 23/01/2024 को जब फदू और सुखना दोनों रात खाना बना रहे थे उसी समय करीब 9.30 बजे लक्ष्मण नशे में आकर सुखना के साथ चूल्हा के पास मारपीट किया। इसी से नाराज फदू लकड़ी के पीढ़ा से लक्ष्मण के छाती में कई बार वार कर दिया और सुखना टांगी से चेहरे में मारा।मृतक के गिरने पर भी आरोपियों ने मृतक लक्ष्मण की छाती में लात से प्रहार किया। लक्ष्मण की मृत्यु हो जाने पर दोनों भाई मिलकर शव को गांव के महेश के कुआं के पास ले जाकर रात में ही प्लास्टिक की रस्सी से गले एवं कमर में 10 किलो का साईज का पत्थर रखकर बोरा में भरकर कुआं में फेंक दिये। पुलिस ने आरोपियों से घटना में प्रयुक्त लोहे की टांगी एवं पीढ़ा जप्त कर दोनों आरोपियों के द्वारा उक्त अपराध करना पाये जाने पर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।



