July 25, 2026 |

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जिला शिक्षा अधिकारी ने अजीजी स्कूल पर की कार्यवाही,,,लगाया एक लाख रुपए का जुर्माना…

बलरामपुर/कुसमी। जिला शिक्षा अधिकारी बलरामपुर ने क्षेत्र में बिना मान्यता के संचालित अजीजी पब्लिक स्कूल, मदगुरी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए विद्यालय का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी किया है। साथ ही स्कूल प्रबंधन पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जारी आदेश के अनुसार, अजीजी पब्लिक स्कूल बिना शासकीय मान्यता के संचालित किया जा रहा था।

        जांच प्रतिवेदन में यह सामने आया कि स्कूल का संचालन समसुदीन अंसारी द्वारा असुरक्षित भवन में किया जा रहा था और इसके लिए किसी सक्षम प्राधिकारी से अनुमति नहीं ली गई थी। जांच टीम में तत्कालीन बीईओ रामपथ यादव, एबीईओ नंदकुमार गुप्ता, संकुल प्राचार्य एवं अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा अभिभावकों को गुमराह कर लगभग 4,49,950 रुपये की अवैध फीस की वसूली गई। इसके अलावा, विद्यालय के छात्रों का यू-डायस पोर्टल में पंजीयन नहीं किया गया, जिससे वे निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के लाभ से स्कूली बच्चे वंचित रहे। शिक्षा विभाग ने इस कृत्य को नियमों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए अधिनियम की धारा 18(5) के तहत कार्रवाई की है। आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि उल्लंघन जारी रहता है, तो प्रतिदिन 10,000 रुपये तक का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जा सकता है। डीईओ ने निर्देश दिया है कि निर्धारित जुर्माना राशि तत्काल शासकीय खजाने में जमा कर उसकी रसीद प्रस्तुत की जाए। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

जांच के साल भर बाद हुई कार्यवाही :- संयुक्त टीम द्वारा जांच कर अग्रिम कार्यवाही के लिए प्रतिवेदन 1 अगस्त 2025 को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय भेजा था। जिसके बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। इस बीच संचालक द्वारा स्कूल का संचालन बेरोक- टोक, असुरक्षित भवन में ही स्कूल का संचालन किया जाते रहा। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के लाभ से भी स्कूली बच्चे वंचित रहे।

फर्जी अनुसूची बेचने के मामले जेल जा चुका है संचालक :- शंकरगढ़ ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्रों में सहायिका के पदों पर फर्जी मार्कशीट के सहारे नियुक्ति के मामले में शंकरगढ़ पुलिस ने भी स्कूल संचालक समसुद्दीन अंसारी सहित पूरे गिरोह को गिरफ्तार करके जेल निरुद्ध किया था। जांच में स्कूल संचालक द्वारा अजीजी स्कूल भगवतपुर और कुसमी से फर्जी मार्कशीट जारी करके अभ्यर्थियों से सौदा करके बेचा गया था। अभ्यर्थी इन्हीं मार्कशीट के सहारे आंगनबाड़ी सहायिका पद भर्ती की गई थी। मामले में बलरामपुर कलेक्टर से शिकायत के बाद जांच में शंकरगढ़ ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्रों में फर्जी मार्कशीट के जरिए सहायिका के पद पर नियुक्ति होने का मामला उजागर हुआ था।

एसडीएम पर अनैतिक दबाव बनाकर और संदिग्ध ऑडियो रिकॉर्डिंग मामले हुई थी प्रतिबंधात्मक कार्यवाही :- नगर के कुसमी स्थित अजीजी पब्लिक स्कूल खसरा नंबर 563/3 में संचालित है, उक्त भूमि सेटलमेंट में शासकीय भूमि है। इसकी जांच कुसमी के तत्कालीन एसडीएम करुण डहरिया द्वारा किया जा रहा था। स्कूल संचालक समसुद्दीन अंसारी द्वारा इसके निराकरण के लिए एसडीएम पर अनैतिक दबाव बनाकर गोपनीय ऑडियो रिकॉर्डर से रिकॉर्डिंग किया जा रहा था, गतिविधि संदिग्ध लगने पर सुरक्षा कर्मियों द्वारा जांच करने पर रिकॉर्डर को नष्ट करने और वाद-विवाद करने पर पुलिस द्वारा प्रतिबंधात्मक कार्यवाही भी की गई थी। इसके पूर्व भी समसुद्दीन अंसारी अर्धविक्षिप्त आदिवासी बालिका का रेप में 7 वर्ष कारावास, आदिवासी व्यक्ति की हत्या के मामले 7 वर्ष कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया जा चुका है। स्कूल संचालक आपराधिक प्रवृति का व्यक्ति होने के बाद भी स्कूल संचालन किया जाना संदेह के घेरे में है

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