
राजपुर(बलरामपुर)। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर सर्व ब्राह्मण सभा, जिला बलरामपुर के तत्वावधान में खुशी वृद्धा आश्रम, मलारपारा (बलरामपुर) में नवीन वस्त्र वितरण एवं सहभोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आश्रम के सभी बुजुर्ग महिला-पुरुषों को माला पहनाकर, नए वस्त्र एवं मिठाई देकर आत्मीय सम्मान दिया गया। अपनों का दुलार और सम्मान पाकर आश्रम में निवासरत वृद्धजनों के चेहरे खिल उठे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन मंडलाधिकारी (DFO) आलोक बाजपेयी एवं विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) आशुतोष चतुर्वेदी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्राह्मण समाज के जिलाध्यक्ष डॉ. बी. एन. द्विवेदी ने की। इस दौरान जिले के संरक्षक कृपा सिंधु मिश्रा, राजेंद्र तिवारी, सिद्ध नाथ चौबे सहित जिले के सभी विकासखंडों के अध्यक्ष व पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

वस्त्र वितरण एवं सहभोज के पश्चात एक विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें उपस्थित जनों ने सामाजिक एकता, अखंडता और सेवा भाव को सुदृढ़ बनाने पर अपने विचार साझा किए। सभी सदस्यों ने संकल्प लिया कि प्रत्येक वर्ष इस तिथि पर ऐसे सेवा कार्य निरंतर आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही, अनाथ आश्रम के बच्चों के लिए भी समाज की ओर से संचालक को कंबल भेंट किए गए, जिनका वितरण बच्चों के बीच किया जाएगा।
कार्यक्रम में वाड्रफनगर ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. विवेश पाण्डेय, राम तीरथ मिश्रा, आशीष तिवारी, अवधेश दुबे; शंकरगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष अनिल पाण्डेय, सचिव प्रिय नाथ दुबे, संयोजक उमेश दुबे, जिला समन्वयक राम बच्चन पाण्डेय, दीपक कुमार मिश्रा; राजपुर से विद्यानंद दुबे; रामानुजगंज ब्लॉक अध्यक्ष विकास दुबे, द्वारिका नाथ पाण्डेय, उज्ज्वल तिवारी, ऋषी कुमार द्विवेदी, विष्णु पाण्डेय, यशपाल दुबे, दीपक कुमार दुबे; बलरामपुर से सी. एल. द्विवेदी, श्याम बिहारी पाठक, गिरजा नंद पाठक, अभिषेक मिश्रा, ए. के. तिवारी, विनय कुमार पाठक; डोरा कोचली से मंटू मिश्रा; वरिष्ठ पत्रकार धुरंधर तिवारी सहित दोनों आश्रमों के संचालक श्री प्रभाकर द्विवेदी व श्रीमती ममता द्विवेदी एवं समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।

सर्व ब्राह्मण समाज के जिलाध्यक्ष डॉ. बी. एन. द्विवेदी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में शारीरिक, आर्थिक व मानसिक सहयोग देने वाले विप्र बंधुओं और अतिथियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज सदैव शोषित, वंचित और जरूरतमंद वर्ग के उत्थान व सेवा के लिए तत्पर रहेगा।



